
भारत के नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने गुरुवार को तुर्की की प्रमुख ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी चेलेबी एविएशन होल्डिंग की भारतीय शाखा—चेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया—की सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। यह फैसला ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के हित में लिया गया है, खासकर हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष में तुर्की के पाकिस्तान के समर्थन के बाद।
कंपनी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया पूरी तरह से एक भारतीय कंपनी है, जिसे भारतीय पेशेवरों द्वारा चलाया और प्रबंधित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी न तो राजनीतिक रूप से किसी से जुड़ी है और न ही इसे तुर्की की संस्था माना जा सकता है। कंपनी का स्वामित्व दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों के पास है।
सोशल मीडिया पर चल रहे दावों—जैसे कि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन की बेटी सुमेये एर्दोआन बायराकतार इस कंपनी में हिस्सेदार हैं—को कंपनी ने पूरी तरह से खारिज किया और इन्हें “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारत में तुर्की के खिलाफ यात्रा बहिष्कार और तुर्की कंपनियों की भारत में उपस्थिति की समीक्षा की मांग तेज़ हो रही है। हालिया सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान द्वारा तुर्की के ड्रोन इस्तेमाल किए जाने से भारत में तुर्की के प्रति नकारात्मक भावना और बढ़ी है। देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर कार्यरत चेलेबी की भूमिका पर विशेष रूप से सवाल उठाए जा रहे हैं।